क्रोध को पाले रखना गर्म कोयले को किसी और पर फेंकने की नीयत से पकड़े रहने के समान है-इसमें जलते आप ही हैं.

13 नवंबर 2010

मुक्त पंक्तियाँ


याद आता है ....

पशु ,पखेरू ,फसल ,किसान ,
ताल ,बगीचा ,औ खलिहान ,
               पगडंडी ,पोखर ,नाली ,
               झूला ,पेड़ों की डाली ,
फगुआ ,कजरी ,तीज ,त्योहार ,
खिड़की ,आँगन ,घर ,दुआर ,
               गेहूँ ,बजरी ,अरहर ,धान ,
               मिट्टी ,ढेला ,खेत ,मचान ,
धूल ,अखाड़ा ,संगी-साथी ,
भेली ,सरसों ,चोखा ,बाटी ,
               कूड़ा ,करकट ,गिट्टी ,पत्थर ,
               खपरैलों ,मिट्टी का घर ,
कुरूई ,लाइ ,सत्तू ,जांत ,
दौरी ,भोर ,अजोरिया रात ,
               इमली ,पीपल ,महुआ ,आम ,
               राधे ,होरी ,मंगरू ,राम ....
याद आता है .....
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सानपाडा,नवी मुंबई, महाराष्ट्र(मूलतः वाराणसी), India

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