क्रोध को पाले रखना गर्म कोयले को किसी और पर फेंकने की नीयत से पकड़े रहने के समान है-इसमें जलते आप ही हैं.

13 नवंबर 2010

मुखौटा

जेब है खाली मगर ,
हालात पर कंट्रोल है ‍‌‌I
हाथ में घंटी,गले में ,
हसरतों का ढोल है II
          खून की कीमत नहीं ,
          मिट्टी का लेकिन मोल है I
          जान सस्ती है यहाँ ,
          पर जिंदगी ‘अनमोल’ है !!
छल ,कपट ,धंधा बना ,
करते यहाँ सब झोल हैं I
ठोस लगती है धरा ,
अंदर से लेकिन पोल है II
           भाव मन में हैं बुरे ,
           होठों पे मीठे बोल हैं I
           वाह री दुनिया यहाँ ,
           दोहरे सभी के रोल हैं II
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सानपाडा,नवी मुंबई, महाराष्ट्र(मूलतः वाराणसी), India

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