क्रोध को पाले रखना गर्म कोयले को किसी और पर फेंकने की नीयत से पकड़े रहने के समान है-इसमें जलते आप ही हैं.

11 अक्तूबर 2012

बीज जो बोये थे मैंने फूल के ही थे मगर,
जब बहार आयी तो काँटों की फसल तैयार थी.
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1 टिप्पणी:

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